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रिश्तों में भावनात्मक बुद्धिमत्ता: रिश्तों की कुंजी

रिश्तों में भावनात्मक बुद्धिमत्ता: रिश्तों की कुंजी

रिश्तों में भावनात्मक बुद्धिमत्ता: रिश्तों की कुंजी सबसे पहले,भावनात्मक बुद्धिमत्ता (इमोशनल इंटेलिजेंस) क्या है?रिश्तों में इमोशनल इंटेलिजेंस (EQ) का मतलब है अपनी भावनाओं को पहचानना, समझना और मैनेज करना, और अपने पार्टनर की भावनाओं को समझना। यह सिर्फ शांत रहने या “अच्छा कम्युनिकेटर” होने के बारे में नहीं है। यह इस बारे में है कि … Read more

अपने काम से प्यार कैसे करें और खुश कैसे रहें?

अपने काम से प्यार कैसे करें और खुश कैसे रहें?

अपने काम से प्यार कैसे करें और खुश कैसे रहें? मैं अपने बच्चों को स्कूल जाते देखने के लिए खिड़की पर खड़ी थी। तभी मैंने देखा एक छोटा सा बैग लेकर, झूमते हुए कृष्णा भजन गाते गाते एक महिला चली जा रही थी। ऐसा लग रहा था न जाने आज उसको क्या मिलने वाला है … Read more

परिवार की हँसी में छिपा सुकून,मिलकर रहना ज़रूरी हैं

परिवार की हँसी में छिपा सुकून,मिलकर रहना ज़रूरी हैं

परिवार की हँसी में छिपा सुकून,मिलकर रहना ज़रूरी हैं तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में हम दिन–रात भागते रहते हैं — नौकरी, पढ़ाई, लक्ष्य, ज़िम्मेदारियाँ… सबके बीच एक चीज़ अक्सर पीछे छूट जाती है — परिवार के साथ बिताया गया समय।आज टाइम मिलना मुश्किल नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समय देना मुश्किल होता जा रहा है। लेकिन सच … Read more

सरकारी स्कूलों की बिगड़ती हालत, प्राइवेट स्कूलों की सफलता

सरकारी स्कूलों की बिगड़ती हालत, प्राइवेट स्कूलों की सफलता

सरकारी स्कूलों की बिगड़ती हालत, प्राइवेट स्कूलों की सफलता क्या सरकारी स्कूलों की बिगड़ती हालत हमें प्राइवेट स्कूलों की तरफ जाने के लिए मजबूर कर रही है?और क्या हम इस कारण आर्थिक रूप से परेशान और अव्यवस्थित हो रहे हैं? इसका समाधान क्या है? भारत में शिक्षा को “अधिकार” माना गया है, लेकिन सवाल यह … Read more

बोलते कम, सुनते ज़्यादा: मजबूत रिश्ते का असली रहस्य

बोलते कम, सुनते ज़्यादा: मजबूत रिश्ते का असली रहस्य

बोलते कम, सुनते ज़्यादा: मजबूत रिश्ते का असली रहस्य रिश्ते शब्दों से नहीं, भावनाओं और समझ से बनते हैं।जब हम किसी को सुनते हैं, तो केवल उनके शब्द नहीं सुनते, बल्कि उनके मन की भावनाओं को महसूस करते हैं। आज की तेज़ रफ़्तार जिंदगी में लोग बोलना तो बहुत जानते हैं, लेकिन सुनना कम।और यही … Read more

माफ़ करना सीखिए: रिश्तों को नया जीवन देने की कला

माफ़ करना सीखिए: रिश्तों को नया जीवन देने की कला

माफ़ करना सीखिए: रिश्तों को नया जीवन देने की कला जीवन में रिश्ते तभी गहरे और लंबे समय तक टिकते हैं, जब उनमें प्यार, समझदारी और माफ़ करने की क्षमता होती है। हर रिश्ता उतार-चढ़ाव से गुजरता है — कभी किसी की बात बुरी लग जाती है, कभी किसी के शब्द दिल को चोट पहुँचा … Read more

दिवाली क्या सभी व्यक्ति और परिवारों के लिए समान है?

दिवाली क्या सभी व्यक्ति और परिवारों के लिए समान है?

दिवाली क्या सभी व्यक्ति और परिवारों के लिए समान है? भारत में जब भी “दीवाली” शब्द बोला जाता है, तो हर किसी के मन में खुशियों, रोशनी और उमंग की एक झलक उभर आती है। लेकिन क्या वाकई दीवाली सबके लिए एक जैसी होती है? क्या हर घर में जलने वाले दिए, हर चेहरे पर … Read more

धनतेरस क्यों मनाई जाती है और इसका क्या महत्व है

धनतेरस क्यों मनाई जाती है और इसका क्या महत्व है

धनतेरस क्यों मनाई जाती है और इसका क्या महत्व है भारत में हर त्योहार का अपना विशेष अर्थ और संदेश होता है। दीपावली से पहले आने वाला धनतेरस भी ऐसा ही एक शुभ पर्व है, जो न केवल धन और समृद्धि का प्रतीक है, बल्कि स्वास्थ्य और शुभारंभ का प्रतीक भी माना जाता है।इस दिन … Read more

ओवरपेरेंटिंग: प्यार या बच्चों की आज़ादी पर पहरा?

ओवरपेरेंटिंग: प्यार या बच्चों की आज़ादी पर पहरा?

ओवरपेरेंटिंग: प्यार या बच्चों की आज़ादी पर पहरा? बच्चों से प्यार करना हर माता-पिता का स्वाभाविक गुण होता है। लेकिन जब यही प्यार बच्चों की हर छोटी-बड़ी बात पर अत्यधिक नियंत्रण, चिंता या दखलअंदाज़ी में बदल जाता है, तो इसे ओवरपेरेंटिंग (Overparenting) कहा जाता है।आज के समय में, जब माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को … Read more

करवाचौथ : विश्वास, त्याग और प्रेम की अनमोल परंपरा”

"करवाचौथ : विश्वास, त्याग और प्रेम की अनमोल परंपरा”

“करवाचौथ : विश्वास, त्याग और प्रेम की अनमोल परंपरा” भारत की संस्कृति अपने आप में विविधता, भावनाओं और परंपराओं का संगम है। यहां हर त्योहार अपने भीतर कोई न कोई गहरी सीख और मानवीय संबंधों का संदेश छिपाए होता है। इन्हीं परंपराओं में एक विशेष स्थान रखता है करवाचौथ का व्रत, जो न सिर्फ पति-पत्नी … Read more