संयुक्त परिवार में अनबन क्यों होती है? रिश्ते सुधारने के 7 आसान तरीके

संयुक्त परिवार में अनबन

संयुक्त परिवार में अनबन नमस्ते मेरे प्यारे पाठकों, एक समय था जब संयुक्त परिवार का मतलब होता था—एक ही छत के नीचे कई रिश्ते, साथ बैठकर खाना, त्योहारों की रौनक, बच्चों की हँसी और मुश्किल समय में एक-दूसरे का सहारा। लेकिन एक ही घर में जब कई लोगों की सोच, आदतें, पसंद और अपेक्षाएँ साथ … Read more

रिश्तों की कड़वाहट कैसे दूर करें? जब समय एक दिल को बदल दे, लेकिन दूसरा दिल न बदले

रिश्तों की कड़वाहट कैसे दूर करें

रिश्तों की कड़वाहट कैसे दूर करें? एक परिवार की सच्ची-सी कहानी नमस्ते मेरे प्यारे पाठकों, कभी-कभी रिश्तों में हुई छोटी-छोटी अनबन कब मन में बड़ी कड़वाहट बन जाती है, पता ही नहीं चलता। एक ही घर में रहते हुए किसी बात पर बहस होना, किसी की कही बात बुरी लग जाना, किसी पुराने व्यवहार को … Read more

“हर उम्र में सुकून के मायने बदल जाते हैं: एक यात्रा ने मुझे क्या सिखाया”

हर उम्र में सुकून के मायने

हर उम्र में सुकून के मायने क्यों बदल जाते हैं? जगन्नाथ पुरी की उस यात्रा पर जाने से पहले मेरे मन में बहुत उत्साह था। मेरे लिए तो समुद्र का किनारा मतलब था—लहरों के पास जाना, पैरों को पानी में भिगोना, दूर तक चलते जाना, तस्वीरें खींचना और खूब सारी यादें बनाना। लेकिन मेरे साथ … Read more

वह रोज़ पूछती थी—“खाना खा लिया?” एक दिन उसने पूछना बंद कर दिया…

माँ की चिंता में छिपा प्यार

माँ की चिंता में छिपा प्यार नमस्ते मेरे प्यारे पाठकों,  कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो अपने प्यार का इज़हार बड़े-बड़े शब्दों में नहीं करते। वे कभी यह नहीं कहते कि “मैं तुम्हारी बहुत चिंता करती हूँ।” वे बस इतना पूछते हैं—“खाना खा लिया?”“इतनी देर क्यों हो गई?”“दवा समय पर ले लेना।”“बाहर जा रहे हो … Read more

आँगन की वो बूढ़ी दादी, जिसकी डाँट में छिपा था प्यार

दादी की डाँट में प्यार

आँगन की वो बूढ़ी दादी की डाँट में प्यार गर्मियों की छुट्टियाँ शुरू होते ही हमें सबसे ज्यादा इंतजार होता था गाँव जाने का। आज की तरह तब छुट्टियों का मतलब मोबाइल, टीवी और इंटरनेट नहीं हुआ करता था। हमारे लिए गर्मियों की छुट्टियाँ मतलब—गाँव, मिट्टी की खुशबू, खुले आसमान के नीचे सोना, आम के … Read more

नेपाल की त्रासदी हमें क्या सिखाती है? जिंदगी, रिश्ते और अपनों की कीमत

नेपाल की बाढ़ त्रासदी

नेपाल की बाढ़ त्रासदी कभी-कभी जिंदगी हमें रोककर कुछ ऐसा दिखा देती है, जिसे देखकर हमारी अपनी परेशानियाँ कुछ देर के लिए बहुत छोटी लगने लगती हैं। हम रोज़मर्रा की जिंदगी में कितनी चीज़ों को लेकर परेशान रहते हैं—किसने क्या कहा, पति-पत्नी के बीच किस बात पर बहस हुई, बच्चों ने हमारी बात क्यों नहीं … Read more

कुछ दिन हमारे अपने नहीं होते, फिर भी हमें जीना पड़ता है

जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों के लिए समय”- जीवन में संतुलन

जीवन में संतुलन आज का पूरा दिन कागज़ों, बैंक और पुलिस स्टेशन के चक्कर में निकल गया। सुबह सोचा था कि आज अपने ब्लॉग के लिए एक अच्छा-सा पोस्ट लिखूँगी। कुछ ideas भी मन में थे। सोचा था, थोड़ा समय निकालकर लिखूँगी और शाम तक post तैयार कर दूँगी। लेकिन जिंदगी ने आज अपनी priority … Read more

माँ की अलमारी में रखा आखिरी खत।

माँ की अलमारी में रखा आखिरी खत

माँ की अलमारी में रखा आखिरी खत। सुबह के सात बज रहे थे। रसोई से अदरक वाली चाय की खुशबू पूरे घर में फैल रही थी। खिड़की से आती हल्की धूप कमरे के फर्श पर बिखरी हुई थी। बाहर पेड़ों पर चिड़ियाँ चहचहा रही थीं, लेकिन आरव के कमरे में सिर्फ लैपटॉप कीबोर्ड की आवाज़ … Read more

एक पल में सब बदल गया: जब माँ अचानक चली जाती है, तब पीछे रह जाने वाले बच्चों का दर्द कौन समझेगा?

माँ के बिना बच्चों का जीवन

माँ के बिना बच्चों का जीवन आज सुबह एक ऐसी खबर सुनी जिसने मन को भीतर तक झकझोर दिया। एक परिचित महिला की अचानक मृत्यु हो गई। कारण इतना अप्रत्याशित था कि विश्वास करना कठिन है। खाना खाते समय भोजन उनके गले में फँस गया और देखते ही देखते सब कुछ बदल गया। कुछ ही … Read more

बच्चे माता-पिता से बातें करना क्यों बंद कर देते हैं? 7 कारण और समाधान

बच्चे माता-पिता से बातें क्यों बंद कर देते हैं ?

बच्चे माता-पिता से बातें क्यों बंद कर देते हैं ? वो बच्चा, जिसके माँ के गर्भ में आते ही माता-पिता की पूरी दुनिया बदल जाती है। उनकी हर सोच, हर योजना और हर प्रार्थना अब सिर्फ अपने बारे में नहीं, बल्कि उस नन्ही-सी जान के बारे में होती है। वे यही चाहते हैं कि उनका … Read more