“हर उम्र में सुकून के मायने बदल जाते हैं: एक यात्रा ने मुझे क्या सिखाया”

हर उम्र में सुकून के मायने

हर उम्र में सुकून के मायने क्यों बदल जाते हैं? जगन्नाथ पुरी की उस यात्रा पर जाने से पहले मेरे मन में बहुत उत्साह था। मेरे लिए तो समुद्र का किनारा मतलब था—लहरों के पास जाना, पैरों को पानी में भिगोना, दूर तक चलते जाना, तस्वीरें खींचना और खूब सारी यादें बनाना। लेकिन मेरे साथ … Read more